Hindi Grammar Lessons – हिंदी व्याकरण | Online Hindi Grammar

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Hindi Grammar Lessons – हिंदी व्याकरण | Online Hindi Grammar Notes

Hindi Grammar is a most important part of the Hindi Language, candidates must have to be aware of the Hindi tenses, Hindi Gendar’s and Definitions of various terms. So, for students, we have put our effort to create a whole list of Hindi Grammar List.

So, here we go. Check out the Hindi Grammar – हिंदी व्याकरण पड़ें निचे.

Hindi Grammar

1. कारक क्या है?

अगर कारक को समझाना हो तो इसे कैसे परिभाषित करेंगे ? कारक शब्द का अर्थ होता है– क्रिया को करने वाला ।

वाक्य में क्रिया को पूरा कराने में अनेक संज्ञा शब्द संलग्न होते हैं । इन संज्ञाओं के क्रिया शब्दों के साथ कई प्रकार के संबंध होते हैं । इन्हीं संबंधों को व्यक्त करने वाली व्याकरणिक कोटी कारक कहलाती है ।

दूसरे शब्दों में, कारक उसे कहते हैं जो वाक्य में आए संज्ञा आदि शब्दों का क्रिया के साथ संबंध बताती है

“जैसे- राम ने किताब पढ़ी |”

इस वाक्य में ‘राम’ पढ़ना क्रिया का कर्ता है और किताब उसका कर्म । यानी ‘राम’ कर्ता कारक है और ‘किताब’ कर्म कारक ।

कारक के प्रकार:-

कारक के आठ प्रकार होते हैं ।

हर की अपनी विभक्तियां होती हैं यानी वो चिह्न जिससे संज्ञा और क्रिया का संबंध तय होता है-

कारक विभक्तियां:-
1. कर्ता ने (या कभी-कभी बिना चिह्न के)
2. कर्म को
3. करण से, के द्वारा, के साथ
4. संप्रदान को, के लिए
5. अपादान से (अलग होने का सूचक)
6. संबंध में, पर
7. अधिकरण का, की, के, रा, री, रे, ना, नी, ने
8. संबोधन अरे, अरी, रे, ओ, हे, री

विस्तार से-

1. कर्ता कारक

कर्ता शब्द का अर्थ है- करने वाला । दूसरे शब्दों में, जिस रूप से क्रिया (कार्य) के करने वाले का बोध होता है वह कर्ता कारक कहलाता है । इसका विभक्ति-चिह्न‘ने’ है। ‘ने’ चिह्न का वर्तमान काल और भविष्य काल में प्रयोग नहीं होता है । इसका सकर्मक धातुओं के साथ भूतकाल में प्रयोग होता है ।

“जैसे- राम ने रावण को मारा ।”

इस वाक्य में क्रिया का कर्ता राम है । इसमें ‘ने’ कर्ता कारक का विभक्ति-चिह्न है । इस वाक्य में ‘मारा’ भूतकाल की क्रिया है । ‘ने’ का प्रयोग प्रायः भूतकाल में होता है ।

भूतकाल में अकर्मक क्रिया के कर्ता के साथ भी ने चिह्न नहीं लगता है । जैसे- वह हँसा।
वर्तमान काल एंव भविष्यत काल की सकर्मक क्रिया के कर्ता के साथ ने चिह्न का प्रयोग नहीं होता है। जैसे- वह फल खाता है । वह फल खाएगा ।

कभी-कभी कर्ता के साथ‘को’ तथा‘स’का प्रयोग भी किया जाता है।

(क) बालक को सो जाना चाहिए ।
(ख) सीता से पुस्तक पढ़ी गई ।
(ग) रोगी से चला भी नहीं जाता ।

2. कर्म कारक

क्रिया के कार्य का फल जिस पर पड़ता है, वह कर्म कारक कहलाता है। इस कारक का चिह्न‘को’ है । यह चिह्न भी बहुत-से स्थानों पर नहीं लगता ।

जैसे- मोहन ने साँप को मारा । लड़की ने पत्र लिखा ।

पहले वाक्य में‘मारा’ क्रिया है और साँप कर्म है । क्योंकि मारने की क्रिया का फल साँप पर पड़ा है । अतः साँप कर्म कारक है ।
दूसरे वाक्य में‘लिखने’की क्रिया का फल पत्र पर पड़ा । अतः पत्र कर्म कारक है । इसमें कर्म कारक का चिह्न‘को’ नहीं लगा है।

3. करण कारक

करण का अर्थ है- साधन ।

वाक्य की क्रिया को संपन्न करने के लिए जिस निर्जीव संज्ञा का प्रयोग साधन के रूप में किया जाता है, वह संज्ञा करण कारक कही जाती है ।

इसका कारक चिह्न‘से’ के‘द्वारा’ है।

जैसे- 1. अर्जुन ने जयद्रथ को बाण से मारा । 2. बालक गेंद से खेल रहे हैं ।

पहले वाक्य में कर्ता अर्जुन ने मारने का कार्य‘बाण’ से किया । अतः‘बाण से’ करण कारक है । दूसरे वाक्य में कर्ता बालक खेलने का कार्य‘गेंद’ से कर रहे हैं । अतः‘गेंद से’ करण कारक है ।

4. संप्रदान कारक

संप्रदान का अर्थ है- देना । यानी कर्ता जिसके लिए कुछ कार्य करता है, अथवा जिसे कुछ देता है । इस कारक का चिह्न‘के लिए’ को हैं ।

जैसे- पुण्य के लिए वह सेवा कर रहा है ।

इस वाक्य में‘पुण्य के लिए ’ संप्रदान कारक हैं।

5. अपादान कारक

जब वाक्य की किसी संज्ञा के क्रिया के द्वारा अलग होने, तुलना होने या दूरी होने का भाव प्रकट होता है वहां अपादान कारक होता है ।

इस कारक का चिह्न‘से’ है ।

जैसे- पेड़ से फल गिरा |

इस वाक्य में पेड़ से फल का गिरना ये बताता है कि पेंड से फल अलग हुआ है ।यानी इस वाक्य में पेड़ से अपादानकारक है ।

6. संबंध कारक

शब्द के जिस रूप से किसी एक वस्तु का दूसरी वस्तु से संबंध प्रकट हो वह संबंध कारक कहलाता है ।

इस कारक का चिह्न‘का, के, की,रा,रे,री’ है ।

जैसे- यह राधेश्याम का बेटा है ।

इस वाक्य में ‘राधेश्याम का बेटा’ से संबंध प्रकट हो रहा है । अतः यहाँ संबंध कारक है ।

7. अधिकरण कारक

शब्द के जिस रूप से क्रिया के आधार का बोध होता है उसे अधिकरण कारक कहते हैं। इस कारक का चिह्न‘में’, ‘पर’ हैं ।

जैसे- कमरे में टीवी रखा है ।

कमरे में अधिकरण कारक है । क्योंकि इससे रखने की क्रिया के आधार का पता चलता है ।

8. संबोधन कारक

जिससे किसी को बुलाने या सचेत करने का भाव प्रकट हो उसे संबोधन कारक कहते है । संबोधन चिह्न ( ! ) लगाया जाता है ।

जैसे- अरे भैया ! क्यों रो रहे हो ?

हे गोपाल ! यहाँ आओ ।

2. विशेषण क्या है?

विशेषण किसे कहते हैं ? जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए ।

जैसे- कौआ काला होता है ।

इस वाक्य में काला विशेषण है क्योंकि इससे कौआ यानी संज्ञा के बारे में विशिष्ट (रंग) जानकारी मिलती है ।

विशेषण के कुछ और भी उदाहरणों से समझा जा सकता है-जैसे: बड़ा, काला, लंबा, दयालु, भारी, सुन्दर, कायर, टेढ़ा-मेढ़ा, एक, दो इत्यादि ।

विशेष्य किसे कहते हैं ?

विशेषण जिसकी विशेषता बतलाए ।

जैसे- बाज बड़ा पक्षी होता है ।

यहां बाज विशेष्य है क्योंकि ‘बड़ा’ (विशेषण) बाज की खासियत बया कर रहा है ।

विशेषण के भेद

विशेषण के चार भेद हैं-

1. गुणवाचक विशेषण– जिन शब्दों के माध्यम से संज्ञा के गुण या दोष का पता चलता है उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं ।

गुणवाचक विशेषण के निम्नलिखित रुप हैं-

(i) भाव- अच्छा, बुरा, कायर, वीर, डरपोक इत्यादि ।
(ii) समय- अगला, पिछला, दोपहर, संध्या, सवेरा इत्यादि ।
(iii) आकार- गोल, सुडौल, नुकीला, समान, पोला इत्यादि ।
(iv) रंग- लाल, हरा, पीला, सफेद, काला, चमकीला, फीका इत्यादि ।
(v) दशा- पतला, मोटा, सूखा, गाढ़ा, पिघला, भारी, गीला, गरीब, अमीर, रोगी, स्वस्थ, पालतू इत्यादि ।
(vi) काल- अगला, पिछला, नया, पुराना इत्यादि ।
(vii) स्थान- भीतरी, बाहरी, पंजाबी, जापानी, पुराना, ताजा, आगामी आदि।

2. परिमाणवाचक विशेषण- जिससे संज्ञा की मात्रा का बोध होता है । उसे परिणाम वाचक विशेषण कहते हैं ।

परिणामवाचक विशेषण भी दो प्रकार के होते हैं-

निश्चित परिणामवाचक- जिससे निश्चित मात्रा का पता चले । जैसे- एक लीटर पानी, एक किलो प्याज ।
अनिश्चित परिणामवाचक– जिन शब्दों से संज्ञा की अनिश्चित मात्रा का पता चले । जैसे- थोड़ा चावल, कुछ लोग, बहुत चिड़िया ।

3. संख्यावाचक विशेषण- जिससे संख्या मालूम पड़े । जैसे- पांच किताबें, दो गाय, पांच गेंद, पांच सौ रुपए, कुछ रुपए इत्यादि ।

संख्यावाचक विशेषण के भी तीन भेद होते हैं-

निश्चित संख्या वाचक- एक, दो, तीन इत्यादि ।
अनिश्चित संख्यावाचक- थोड़ा सा खाना, चंद रुपए इत्यादि ।
विभागबोधक- चार-चार लोग, दस-दस हाथी, प्रत्येक नागरिक इत्यादि ।
संकेतवाचक या सार्वनामिक विशेषण- जो सर्वनाम, संज्ञा के लिए विशेषण का काम करते हैं ।

जैसे- वह लड़की सुंदर है । इस बाघ ने हिरण को मारा । इत्यादि ।

4. तुलनात्मक विशेषण

विशेषण शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाते हैं । विशेषता बताई जाने वाली वस्तुओं के गुण-दोष कम-ज्यादा होते हैं । विशेषण के इसी उतार-चढ़ाव को तुलना कहा जाती है ।

तुलना की दृष्टि से विशेषणों की अवस्थाएं –

मूलावस्था- इसमें तुलना नहीं होती ।

जैसे- सुंदर, कुरूप, अच्छा, बुरा, बहादुर, कायर इत्यादि ।

उत्तरावस्था- इसमें दो की तुलना करके एक को बेहतर या निम्नतर दिखाया जाता है ।

जैसे- रघु मधु से बहुत चालाक है ।

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विशेषणों की रचना

कुछ शब्द मूलरूप में ही विशेषण होते हैं, लेकिन कुछ विशेषण की रचना संज्ञा, सर्वनाम एवं क्रिया से की जाती है-

(1) संज्ञा से विशेषण बनाना

प्रत्यय संज्ञा विशेषण संज्ञा विशेषण
क अंश आंशिक धर्म धार्मिक
अलंकार आलंकारिक नीति नैतिक
अर्थ आर्थिक दिन दैनिक
इतिहास ऐतिहासिक देव दैविक
इत अंक अंकित कुसुम कुसुमित
सुरभि सुरभित ध्वनि ध्वनित
क्षुधा क्षुधित तरंग तरंगित
इल जटा जटिल पंक पंकिल
फेन फेनिल उर्मि उर्मिल
इम स्वर्ण स्वर्णिम रक्त रक्तिम
ई रोग रोगी भोग भोगी
ईन,ईण कुल कुलीन ग्राम ग्रामीण
ईय आत्मा आत्मीय जाति जातीय
आलु श्रद्धा श्रद्धालु ईर्ष्या ईर्ष्यालु
वी मनस मनस्वी तपस तपस्वी
मय सुख सुखमय दुख दुखमय
वान रूप रूपवान गुण गुणवान
वती(स्त्री) गुण गुणवती पुत्र पुत्रवती
मान बुद्धि बुद्धिमान श्री श्रीमान
मती (स्त्री) श्री श्रीमती बुद्धि बुद्धिमती
रत धर्म धर्मरत कर्म कर्मरत
स्थ समीप समीपस्थ देह देहस्थ
निष्ठ धर्म धर्मनिष्ठ कर्म कर्मनिष्ठ

(2) सर्वनाम से विशेषण बनाना

सर्वनाम विशेषण सर्वनाम विशेषण
वह वैसा यह ऐसा

(3) क्रिया से विशेषण बनाना

क्रिया विशेषण क्रिया विशेषण
पत पतित पूज पूजनीय
भागना भागने वाला वंद वंदनीय

वर्ण, उच्चारण और वर्तनी :-

हिंदी में मुख्य रूप से कितने वर्ण हैं ?

Ans. 46

स्वर वर्ण किसे कहते हैं ?

Ans. जिनका उच्चारण बिना अवरोध या विघ्न-बाधा से होता है ।

हिंदी में कितने व्यंजन हैं ?

Ans. 30

स्पर्श व्यंजन की संख्या कितनी है ?

Ans. 25

अनुनाशिक व्यंजन किसे कहते हैं ?

Ans. ञ ङ ण न म

य र ल व को क्या कहते हैं ?

Ans. अन्तस्थ व्यंजन

उष्ण व्यंजन में किसे शामिल किया गया हैं ?

Ans. श ष स ह

ड़ ढ़ को क्या कहते हैं ?

Ans. उत्क्षिप्त व्यंजन

क्ष त्र ज्ञ को क्या कहते हैं ?

Ans. संयुक्त व्यंजन

वर्तनी

शब्दों की वर्तनी में अशुद्धि दो प्रकार की होती है-

वर्ण संबंधी
शब्द रचना संबंधी

वर्ण संबंधी अशुद्धियां भी दो प्रकार की होती हैं-

स्वर संबंधी
व्यंजन संबंधी

अशुद्धियां और उनके शुद्ध रूप- (भाग-एक)

अशुद्ध शुद्ध अशुद्ध शुद्ध

अंलकार – अलंकार इलावा – अलावा
अन्श –  अंश आधिकारी – अधिकारी
कन्ठ – कंठ बांगला – बंगला
अगूंर – अंगूर बारात – बरात
सिन्ह – सिंह आविस्मरणीय – अविस्मरणीय
कन्धा – कंधा आनाधिकार – अनाधिकार
मन्दी – मंदी अगामी – आगामी
हस्पताल –  अस्पताल अन्त्यक्षरी – अन्त्याक्षरी
जमाता –  जामाता तालाश तलाश
मलूम मालूम अहार आहार
रमायण रामायण अजमाइश आजमाइश
नदान नादान अतिथी अतिथि
तलाब तालाब आपत्ती आपत्ति
वाल्मीकी वाल्मीकि श्रद्धांजली श्रद्धांजलि
तीथी तिथि अनीवार्य अनिवार्य
नीती नीति कोटी-कोटी कोटि-कोटि
परीचय परिचय अधार आधार
रीती रीति पूष्टी पुष्टि
समिती समिति पूर्ती पूर्ति
राजनीती राजनीति सम्पत्ती सम्पत्ति

अशुद्धियां और उनके शुद्ध रूप- (भाग-दो)

अशुद्ध शुद्ध अशुद्ध शुद्ध

स्थायीत्व स्थायित्व मैथीली मैथिली
कठनाई कठिनाई तिरिस्कार तिरस्कार
सरोजनी सरोजिनी शिवर शिविर
वाहनी वाहिनी उजयाला उजियाला
दामीनी दामिनी लिखत लिखित
मट्टी मिट्टी कवियित्री कवयित्री
युधिष्ठर युधिष्ठिर प्रदर्शिनी प्रदर्शनी
पहिला पहला अद्वितिय अद्वितीय
चाहिता चाहता द्रविभूत द्रवीभूत
द्वारिका द्वारका रितिकाल रीतिकाल
सामिग्री सामग्री महादेवि महादेवी
छिपकिली छिपकली महिना महीना
वापिस वापस श्रीमति श्रीमती
टिकिट टिकट मीडीया मीडिया
मिनिट मिनट शताब्दि शताब्दी
विडियो वीडियो केबिल केबल
वर्तनि वर्तनी परिक्षण परीक्षण
टेबिल टेबल दिवाली दीवाली
पत्नि पत्नी पिताम्बर पीताम्बर

अशुद्धियां और उनके शुद्ध रूप- (भाग-तीन)

अशुद्ध शुद्ध अशुद्ध शुद्ध

कृतघ्नी कृतघ्न निरपराधी निरपराध
निष्कपटी निष्कपट ऊत्पात उत्पात
रेणू रेणु पुरूष पुरुष
ऊत्थान उत्थान रूपया रुपया
पूण पुण्य रूख रुख
पुस्प पुष्प संघर्स संघर्ष
साधूवाद साधुवाद कूआं कूआँ
आधूनिक आधूनिक अनूकूल अनुकूल
सुरज सूरज उंचाई ऊँचाई
सिन्दुर सिन्दूर चित्रकुट चित्रकूट
हिन्दु हिन्दू पृथा प्रथा
हीन्दी हिन्दी जागृत जाग्रत
वजृ वज्र ग्रहीत गृहीत
दृष्टा द्रष्टा चाहिऐ चाहिए
द्रश्य दृश्य एसा ऐसा
अनुग्रहीत अनुगृहीत एकान्तिक ऐकान्तिक
ऐकान्त एकान्त एश्वर्य ऐश्वर्य
सरवर सोरवर एतिहासिक ऐतिहासिक
अनेकों अनेक बहुतों बहुत
प्रत्येकों प्रत्येक भूगोलिक भौगोलिक
बसन्त वसन्त कच्छा कक्षा
सिंघ सिंह लच्छन लक्षण
धोका धोखा उश्रृंखल उच्छृंखल
साढ़ी साड़ी वीना वीणा
सीदा सीधा नर्क नरक
संतुष्ठ संतुष्ट अनिष्ठ अनिष्ट
हितैशी हितैषी चिन्ह चिह्न
भाग्यमान भाग्यवान कैलास कैलाश
सलज सलज्ज अला अल्ला
कुच्छ शन्ख शन्ख शंख
रक्खा रखा कार्यकर्म कार्यक्रम
कारवाई कार्रवाई स्वास्थ स्वास्थ्य
उजवल उज्जवल अध्यन अध्ययन
कुम्भार कुम्हार छमा क्षमा
इंकार इन्कार कुन्डली कुण्डली
फिलम फिल्म इसलाम इस्लाम
उचारण उच्चारण इनसान इंसान
किसमत किस्मत चांद चाँद

अशुद्धियां और उनके शुद्ध रुप-(भाग-चार)

अशुद्ध शुद्ध अशुद्ध शुद्ध

आंगन आँगन आंख आँख
अर्थात अर्थात् सत सत्
परिषद परिषद् पश्चात पश्चात्
श्रद्धावान श्रद्धावान् विधिवत विधिवत्
भगवान भगवान् वणिक वणिक्
विद्वान विद्वान् च्युत् च्युत
अष्टम् अष्टम पंचम् पंचम
प्राचीनतम् प्राचीनतम दशम् दशम
भागवत् भागवत महान महान्.

लिंग (Gender)

व्याकरण के नजरिए से लिंग (Gender) किसे कहते हैं ?

जिस चिह्न से यह बोध होता हो कि अमुक शब्द पुरुष जाति का है अथवा स्त्री जाति का वह लिंग कहलाता है ।
शब्द के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु आदि के पुरुष जाति अथवा स्त्री जाति के होने का ज्ञान हो उसे लिंग कहते हैं ।
जैसे- बाघ, बाघिन, लड़का, लड़की इत्यादि ।

इनमें बाघ और लड़का पुल्लिंग तथा बाघिन और नारी स्त्रीलिंग हैं।

लिंग के भेद-

1. पुल्लिंग

जिन संज्ञा शब्दों से पुरुष जाति का बोध हो अथवा जो शब्द पुरुष जाति के अंतर्गत माने जाते हैं वे पुल्लिंग हैं ।

जैसे- शेर, पेड़, बैल, घर, बालक इत्यादि ।

2. स्त्रीलिंग

जिन संज्ञा शब्दों से स्त्री जाति का बोध हो अथवा जो शब्द स्त्री जाति के अंतर्गत माने जाते हैं, वे स्त्रीलिंग हैं ।

जैसे- नारी, छड़ी, गाय, घड़ी, लड़की, कुर्सी इत्यादि ।

पुल्लिंग की पहचान

1. आ, आव, पा, पन, न- ये प्रत्यय जिन शब्दों के अंत में हों वे प्रायः पुल्लिंग होते हैं ।

जैसे- कपड़ा, चढ़ाव, बुढ़ापा, लड़कपन, लेन-देन ।

2. पर्वत, मास, वार और कुछ ग्रहों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।

जैसे- हिमालय, विंध्याचल, वैशाख, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, राहु, केतु ।

3. पेड़ों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।

जैसे- आम, शीशम, सागौन, जामुन, बरगद इत्यादि ।

4. अनाजों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।

जैसे- गेहूँ, चावल, चना, मटर, जौ, उड़द आदि ।

5. द्रव पदार्थों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।

जैसे- पानी, सोना, ताँबा, लोहा, घी, तेल आदि ।

अपवाद- चांदी ।

6. रत्नों के नाम पुल्लिंग होते हैं ।

जैसे- हीरा, पन्ना, मूँगा, मोती आदि ।

7. शरीर के अंगों के नाम सामान्यत: पुल्लिंग होते हैं ।

जैसे- सिर, मस्तक, दाँत, मुख, कान, गला, हाथ, पाँव, होंठ, तालु, नख, रोम आदि ।

अपवाद- आँख

8. जल, स्थान और भू-मंडल के भागों के नाम पुल्लिंग होते हैं।

जैसे- समुद्र, भारत, देश, नगर, द्वीप, आकाश, पाताल, घर, सरोवर आदि ।

स्त्रीलिंग की पहचान

1. जिन संज्ञा शब्दों के अंत में ख होते है, वे स्त्रीलिंग कहलाते हैं ।

जैसे- आँख, भूख, चोख, राख, कोख, लाख, देखरेख आदि ।

2. जिन भाववाचक संज्ञाओं के अंत में ट, वट, या हट होता है, वे स्त्रीलिंग कहलाती हैं ।

जैसे- झंझट, आहट, चिकनाहट, बनावट, सजावट आदि ।

3. अनुस्वारांत, ईकारांत, ऊकारांत, तकारांत, सकारांत संज्ञाएँ स्त्रीलिंग कहलाती है ।

जैसे- रोटी, टोपी, नदी, चिट्ठी, उदासी, रात, बात, छत, भीत, लू, बालू, दारू, सरसों, खड़ाऊँ, प्यास, वास, साँस आदि ।

4. भाषा, बोली और लिपियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।

जैसे- मैथिली, हिन्दी, संस्कृत, देवनागरी, पहाड़ी, तेलुगु, पंजाबी, गुरुमुखी ।

5. जिन शब्दों के अंत में इया आता है वे स्त्रीलिंग होते हैं।

जैसे- कुटिया, खटिया, चिड़िया आदि ।

6. नदियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।

जैसे- नर्मदा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती आदि ।

7. तारीखों और तिथियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।

जैसे- पहली, दूसरी, प्रतिपदा, पूर्णिमा आदि ।

शब्दों का लिंग-परिवर्तन

पुल्लिंग स्त्रीलिंग
घोड़ा घोड़ी
देव देवी
दादा दादी
लड़का लड़की
ब्राह्मण ब्राह्मणी
नर नारी
बकरा बकरी
चूहा चुहिया
चिड़ा चिड़िया
बेटा बिटिया
गुड्डा गुड़िया
लोटा लुटिया
माली मालिन
कहार कहारिन
सुनार सुनारिन
लुहार लुहारिन
धोबी धोबिन
मोर मोरनी
हाथी हाथिन
सिंह सिंहनी
नौकर नौकरानी
चौधरी चौधरानी
देवर देवरानी
सेठ सेठानी
जेठ जेठानी
पंडित पंडिताइन
ठाकुर ठाकुराइन
बाल बाला
सुत सुता
छात्र छात्रा
शिष्य शिष्या
पाठक पाठिका
अध्यापक अध्यापिका
बालक बालिका
लेखक लेखिका
सेवक सेविका
तपस्वी तपस्विनी
हितकारी हितकारिनी
स्वामी स्वामिनी
परोपकारी परोपकारिनी

पुल्लिंग स्त्रीलिंग
पिता माता
भाई भाभी
नर मादा
राजा रानी
ससुर सास
सम्राट सम्राज्ञी
पुरुष स्त्री
बैल गाय
युवक युवती
वैसे प्राणिवाचक शब्द जो हमेशा ही स्त्रीलिंग हैं या पुल्लिंग हैं उन्हें

पुल्लिंग अथवा स्त्रीलिंग जताने के लिए उनके साथ‘नर’ व‘मादा’ शब्द लगा देते हैं ।

जैसे-

स्त्रीलिंग पुल्लिंग
मक्खी नर मक्खी
कोयल नर कोयल
गिलहरी नर गिलहरी
मैना नर मैना
तितली नर तितली
मादा बाज बाज
मादा खटमल खटमल
चील नर चील
कछुआ नर कछुआ
कौआ नर कौआ
मादा भेड़िया भेड़िया
मादा उल्लू उल्लू
मादा मच्छर मच्छर

वाच्य kya hai?

वाच्य किसे कहते हैं ?

वाच्य का शाब्दिक अर्थ है- बोलने का विषय ।

क्रिया के जिस रूप से यह जाना जाए कि क्रिया द्वारा किए गए विधान का विषय कर्ता है, कर्म है या भाव है उसे वाच्य कहते है ।

वाच्य के तीन प्रकार हैं-

1. कर्तृवाच्य

2. कर्मवाच्य

3. भाववाच्य

विस्तार से-

कर्तृवाच्य- क्रिया के जिस रूप से वाक्य के उद्देश्य (क्रिया के कर्ता) का बोध हो, वह कर्तृवाच्य कहलाता है । इसमें लिंग एवं वचन प्रायः कर्ता के अनुसार होते हैं ।

जैसे- बच्चा खेलता है ।

इन वाक्य में बच्चा, घोड़ा कर्ता हैं तथा वाक्यों में कर्ता की ही प्रधानता है ।

अतः खेलता है, भागता है ये कर्तृवाच्य हैं ।

कर्मवाच्य- क्रिया के जिस रूप से वाक्य का उद्देश्य कर्म प्रधान हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं ।

जैसे-
भारत-पाक युद्ध में सहस्रों सैनिक मारे गए ।
छात्रों द्वारा नाटक प्रस्तुत किया जा रहा है ।
पुस्तक मेरे द्वारा पढ़ी गई ।

बच्चों के द्वारा निबंध पढ़े गए ।

इन वाक्यों में क्रियाओं में कर्म की प्रधानता दर्शायी गई है । उनकी रूप-रचना भी कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार हुई है । क्रिया के ऐसे रूप कर्मवाच्य कहलाते हैं ।

भाववाच्य- क्रिया के जिस रूप से वाक्य का उद्देश्य केवल भाव (क्रिया का अर्थ) ही जाना जाए वहाँ भाववाच्य होता है ।

इसमें कर्ता या कर्म की प्रधानता नहीं होती है । इसमें क्रिया सदैव पुल्लिंग, अन्य पुरुष के एक वचन की होती है ।

वाच्य परिवर्तन

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाना-

कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य
अध्यापक विद्यालय में पढ़ाते हैं । अध्यापकों द्वारा विद्यालय में पढ़ाई होती है ।
वह दिन में फल खाता है । उससे दिन में फल खाए जाते हैं ।
सिपाही ने चोर को पकड़ा । सिपाही द्वारा चोर पकड़ा गया ।
वह हमें मुर्ख समझता है । उसके द्वारा हमें मुर्ख समझा जाता है ।
तुम फूल तोड़ोगे । तुम्हारे द्वारा फूल तोड़े जाएंगे |
कर्तृवाच्य से भाववाच्य बनाना-

कर्तृवाच्य | भाववाच्य
बच्चे नहीं दौड़ते। बच्चों से दौड़ा नहीं जाता।
पक्षी नहीं उड़ते। पक्षियों से उड़ा नहीं जाता।
बच्चा नहीं सोया। बच्चे से सोया नहीं जाता।
अब चलें । अब चला जाए ।
कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य बनाना-

कर्मवाच्य | कर्तृवाच्य
नानी द्वारा कहानी सुनाई जाती थी । नानी कहानी सुनाती थी ।
आज हमें व्याकरण पढ़ाया गया । आज हमने व्याकरण पढ़ा ।
पुलिस द्वारा कल रात कई चोर पकड़े गए । पुलिस ने कल रात कई चोरों को पकडबच्चों द्वारा रंग डाला गया । बच्चों ने रंग डाला ।

HIndi Grammar Questions in Hindi 2017 – 2018 | Hindi Grammar Lessons

😊हिंदी मिश्रित😊 व्याकरण(संधि)

प्रश्न =1संधि कितने प्रकार की होती है?
(अ) 2
(ब) 3✔
(स) 4
(द)5

प्रश्न =2 स्वर संधि के कितने भेद माने गए हैं?
(अ) 4
(ब) 2
(स) 5✔
(द) 6

प्रश्न =3प्रति➕एक का शुद्धसंद्धियुक्त पद बनेगा?
(अ) प्रत्यैक
(ब) प्रत्यक
(स)प्रतीक
(द)प्रत्येक✔

प्रश्न =4 एक➕एक?
(अ) एकेक
(ब) अनेक
(स)एकैक✔
(द)एक

प्रश्न =5 रीति➕अनुसार?
(अ) रीत्यनुसार✔
(ब) रीतिनुसार
(स)रीति अनुसार
(द)ऋत्यानुसार

प्रश्न =6 सखी➕ऐक्य?
(अ) सखी एक
(ब) संख्येक
(स)सख्यक
(द)संख्यैक्य✔

प्रश्न =7 वसुधा➕एव
(अ) वसुधैव✔
(ब) वासुधैव
(स)वसुधा
(द)वसुधे

प्रश्न =8 भौ➕ई
(अ) भावी✔
(ब) भवी
(स)भवि
(द)भिव

प्रश्न =9 पद का विच्छेद करे
अन्वेषण
(अ) अनु➕ऐषण✔
(ब) अनु➕एषन
(स)अनु➕एसन
(द)अनू➕ऐसन

प्रश्न =10 स्वस्ति?
(अ) सु➕अस्ति✔
(ब) सु➕अस्ति
(स)सू➕ती
(द)स्व➕अस्ती

प्रश्न =11 न्यून?
(अ) नी➕उन
(ब) नि➕उन
(स)नि➕अन
(द)नि➕ऊन✔

प्रश्न =12 मातृच्छा?
(अ) मात्र➕इच्छा
(ब) मात्र ईच्छा➕
(स)मातृ➕इच्छा✔
(द)मातृ➕ईच्छा

प्रश्न =13 संचय?
(अ) संच➕अ
(ब) संचे➕अ✔
(स) संच➕अ
(द) संचय➕अ

प्रश्न =14 हवी?
(अ) हो➕इ
(ब)हो➕ई✔
(स) हौ➕इ
(द) हौ➕ई

प्रश्न =15″अन्वीक्षा?में संधि हैं?
(अ) गुण
(ब)अयादि
(स) यण✔
(द) वृद्धि

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1. मोहभंग काल कहा जाता है
A. प्रगतिवाद
B. प्रयोगवाद
C. नयी कविता काल
D. साठोत्तर काव्य काल✔

2. कौन सँस्मरण और लेखक सुमेलित नही है?
A. मेरा बचपन मेरे कंधौ पर-श्योराज सिंह बैचन
B. जल के बीच मीन पीयासी-मिथलेश्वर
C. गर्बीली गरीबी-नामवर सिंह✔
D. घर का जोगी जोगड़ा-काशीनाथ सिंह

3. कौनसा विकल्प सही नही है?
A. व्योमकेश दरवेश-जीवनी
B. साहस और संकल्प-आत्मकथा
C. पोस्टर-उपन्यास✔
D. कामायनी-काव्य

4. केवल कविता के लिए कविता करना तमाशा है किसका कथन है ?
A. म प्र द्विवेदी✔
B. शुक्ल
C. प्रेमचंद
D. प्रसाद

5. प्रसाद की किस रचना को स्मृति काव्य कहा गया
A. कामायनी
B. आँसू✔
C. झरना
D. प्रेमपथिक

6. शुक्ल ने त्रिवेणी मे किन किन कवियो की समीक्षाएँ की है ।
A. कबीर सूर तुलसी
B. तुलसी सूर जायसी✔
C. कबीर जायसी सूर
D. कबीर तुलसी जायसी

7. रश्मिधनु प्रबंध काव्य के लेखक कौन है?
A. जयदेव तनेजा
B. गिरीश रस्तोगी
C. हरिवंश तरुण✔
D. देशराज उपाध्याय

8. रामदास कविता किसकी है? जो आघुनिक हिंदी कविता की एक महत्वपूर्ण रचना है।
A. रधुवीर सहाय✔
B. आलोक धन्वा
C. बच्चन
D. मुक्तिबोध

9. कविता की तीसरी आँख के रचनाकार है
A. शेरजंग गर्ग
B. प्रभाकर श्रोत्रिय✔
C. मृदुला गर्ग
D. कोई नही

10. उर्दू किस भाषा का शब्द है
A. अरबी
B. फारसी
C. तुर्की✔
D. फ्रेँच

11. भारत विभाजन पर आधारित उपन्यास आग का दरिया के लेखक है?
A. जाहिदा हिना
B. बसीर बद्र
C. कुर्रतुल ऐन हैदर✔
D. अमृता प्रीतम

12. हंगामा हुआ ढेर, लेकिन सूरत नहीं बदली। किस कवि की पंक्तियां है?
A. धूमिल
B. मुक्तिबोध
C. दुष्यंतकुमार
D. रघुवीर सहाय

13. मशाल जलती रहे किसका नाटक है?
A. हरिवंश तरुण✔
B. उदयशंकर भट्ट
C. राजेन्द्र अवस्थी
D. हरिकृष्ण प्रेमी

14. मोहनि मूरति साँवरी सूरति नैना बने रसाल पंक्ति किसकी है ?
A. भारतेन्दु
B. मीरा✔
C. सूर
D. रसखान

15. ज्ञानपीठ पुरस्कार किस वर्ष से लेखक के समग्र योगदान पर दिया जाने लगा है?
A. 1984✔
B. 1986
C. 1990
D. 1992

16. संदेश नहीं मै यहाँ स्वर्ग का लाया
इस धरती को ही स्वर्ग बनाने आया
किसकी काव्य पंक्ति है
अ हरिऔध
ब मै. श. गुप्त✔
स सियाराम श.गुप्त
द गयाप्रसाद शुक्ल

17. मछली बाजार किसका उपन्यास है?
A. रामदरश मिश्र
B. हिमांशु जोशी
C. राजेन्द्र अवस्थी✔
D. बलभद्र ठाकुर

18. दुखों के दागो को तमगों सा पहना किसकी पंक्ति है?
A. अज्ञेय
B. धूमिल
C. मुक्तिबोध✔
D. रघुवीर सहाय

19. रासपचांध्यायी किस छंद मे लिखी गई ?
A. चौपाई
B. दोहा
C. रोला✔
D. सोरठा

20. भारत विभाजन पर केन्द्रित उपान्यास उदास नस्ले के लेखक है?
A. जाहिदा हिना
B. अब्दुल्ला हुसैन✔
C. कुर्रतुल ऐन हैदर
D. भीष्म साहनी

21. यथार्थ वाद और छायावाद निबंध के लेखक है
अ प्रसाद✔
ब शांति प्रिय द्विवेदी
स नंददुलारे वाजपेयी
द मुकुट धर पाण्डेय

22. शेरसिंह प्रकाश रचना है
A. प्रतापसाहि
B. सोमनाथ
C. अमीरदास✔
D. जसवंत सिंह

23. मेरी पत्नी और भेड़ीया आत्मकथा किसकी है
A. डॉ धर्मवीर✔
B. तुलसी राम
C. मोहन दास
D. शैलेश जैदी

24. रसखान की प्रेम वाटिका में कितने दोहे है?
A. 23
B. 45
C. 53✔
D. 56

25. प्रेमचन्द को उपन्यास सम्राट की संज्ञा किसने दी
A. दयानारायण निगम
B. शरच्चन्द्र चट्टोपाध्या✔
C. अमृत राय
D. रवीन्द्र नाथ😊हिंदी मिश्रित😊 व्याकरण(संधि)

प्रश्न =1संधि कितने प्रकार की होती है?
(अ) 2
(ब) 3✔
(स) 4
(द)5

प्रश्न =2 स्वर संधि के कितने भेद माने गए हैं?
(अ) 4
(ब) 2
(स) 5✔
(द) 6

प्रश्न =3प्रति➕एक का शुद्धसंद्धियुक्त पद बनेगा?
(अ) प्रत्यैक
(ब) प्रत्यक
(स)प्रतीक
(द)प्रत्येक✔

प्रश्न =4 एक➕एक?
(अ) एकेक
(ब) अनेक
(स)एकैक✔
(द)एक

प्रश्न =5 रीति➕अनुसार?
(अ) रीत्यनुसार✔
(ब) रीतिनुसार
(स)रीति अनुसार
(द)ऋत्यानुसार

प्रश्न =6 सखी➕ऐक्य?
(अ) सखी एक
(ब) संख्येक
(स)सख्यक
(द)संख्यैक्य✔

प्रश्न =7 वसुधा➕एव
(अ) वसुधैव✔
(ब) वासुधैव
(स)वसुधा
(द)वसुधे

प्रश्न =8 भौ➕ई
(अ) भावी✔
(ब) भवी
(स)भवि
(द)भिव

प्रश्न =9 पद का विच्छेद करे
अन्वेषण
(अ) अनु➕ऐषण✔
(ब) अनु➕एषन
(स)अनु➕एसन
(द)अनू➕ऐसन

प्रश्न =10 स्वस्ति?
(अ) सु➕अस्ति✔
(ब) सु➕अस्ति
(स)सू➕ती
(द)स्व➕अस्ती

प्रश्न =11 न्यून?
(अ) नी➕उन
(ब) नि➕उन
(स)नि➕अन
(द)नि➕ऊन✔

प्रश्न =12 मातृच्छा?
(अ) मात्र➕इच्छा
(ब) मात्र ईच्छा➕
(स)मातृ➕इच्छा✔
(द)मातृ➕ईच्छा

प्रश्न =13 संचय?
(अ) संच➕अ
(ब) संचे➕अ✔
(स) संच➕अ
(द) संचय➕अ

प्रश्न =14 हवी?
(अ) हो➕इ
(ब)हो➕ई✔
(स) हौ➕इ
(द) हौ➕ई

प्रश्न =15″अन्वीक्षा?में संधि हैं?
(अ) गुण
(ब)अयादि
(स) यण✔
(द) वृद्धि

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1. मोहभंग काल कहा जाता है
A. प्रगतिवाद
B. प्रयोगवाद
C. नयी कविता काल
D. साठोत्तर काव्य काल✔

2. कौन सँस्मरण और लेखक सुमेलित नही है?
A. मेरा बचपन मेरे कंधौ पर-श्योराज सिंह बैचन
B. जल के बीच मीन पीयासी-मिथलेश्वर
C. गर्बीली गरीबी-नामवर सिंह✔
D. घर का जोगी जोगड़ा-काशीनाथ सिंह

3. कौनसा विकल्प सही नही है?
A. व्योमकेश दरवेश-जीवनी
B. साहस और संकल्प-आत्मकथा
C. पोस्टर-उपन्यास✔
D. कामायनी-काव्य

4. केवल कविता के लिए कविता करना तमाशा है किसका कथन है ?
A. म प्र द्विवेदी✔
B. शुक्ल
C. प्रेमचंद
D. प्रसाद

5. प्रसाद की किस रचना को स्मृति काव्य कहा गया
A. कामायनी
B. आँसू✔
C. झरना
D. प्रेमपथिक

6. शुक्ल ने त्रिवेणी मे किन किन कवियो की समीक्षाएँ की है ।
A. कबीर सूर तुलसी
B. तुलसी सूर जायसी✔
C. कबीर जायसी सूर
D. कबीर तुलसी जायसी

7. रश्मिधनु प्रबंध काव्य के लेखक कौन है?
A. जयदेव तनेजा
B. गिरीश रस्तोगी
C. हरिवंश तरुण✔
D. देशराज उपाध्याय

8. रामदास कविता किसकी है? जो आघुनिक हिंदी कविता की एक महत्वपूर्ण रचना है।
A. रधुवीर सहाय✔
B. आलोक धन्वा
C. बच्चन
D. मुक्तिबोध

9. कविता की तीसरी आँख के रचनाकार है
A. शेरजंग गर्ग
B. प्रभाकर श्रोत्रिय✔
C. मृदुला गर्ग
D. कोई नही

10. उर्दू किस भाषा का शब्द है
A. अरबी
B. फारसी
C. तुर्की✔
D. फ्रेँच

11. भारत विभाजन पर आधारित उपन्यास आग का दरिया के लेखक है?
A. जाहिदा हिना
B. बसीर बद्र
C. कुर्रतुल ऐन हैदर✔
D. अमृता प्रीतम

12. हंगामा हुआ ढेर, लेकिन सूरत नहीं बदली। किस कवि की पंक्तियां है?
A. धूमिल
B. मुक्तिबोध
C. दुष्यंतकुमार
D. रघुवीर सहाय

13. मशाल जलती रहे किसका नाटक है?
A. हरिवंश तरुण✔
B. उदयशंकर भट्ट
C. राजेन्द्र अवस्थी
D. हरिकृष्ण प्रेमी

14. मोहनि मूरति साँवरी सूरति नैना बने रसाल पंक्ति किसकी है ?
A. भारतेन्दु
B. मीरा✔
C. सूर
D. रसखान

15. ज्ञानपीठ पुरस्कार किस वर्ष से लेखक के समग्र योगदान पर दिया जाने लगा है?
A. 1984✔
B. 1986
C. 1990
D. 1992

16. संदेश नहीं मै यहाँ स्वर्ग का लाया
इस धरती को ही स्वर्ग बनाने आया
किसकी काव्य पंक्ति है
अ हरिऔध
ब मै. श. गुप्त✔
स सियाराम श.गुप्त
द गयाप्रसाद शुक्ल

17. मछली बाजार किसका उपन्यास है?
A. रामदरश मिश्र
B. हिमांशु जोशी
C. राजेन्द्र अवस्थी✔
D. बलभद्र ठाकुर

18. दुखों के दागो को तमगों सा पहना किसकी पंक्ति है?
A. अज्ञेय
B. धूमिल
C. मुक्तिबोध✔
D. रघुवीर सहाय

19. रासपचांध्यायी किस छंद मे लिखी गई ?
A. चौपाई
B. दोहा
C. रोला✔
D. सोरठा

20. भारत विभाजन पर केन्द्रित उपान्यास उदास नस्ले के लेखक है?
A. जाहिदा हिना
B. अब्दुल्ला हुसैन✔
C. कुर्रतुल ऐन हैदर
D. भीष्म साहनी

21. यथार्थ वाद और छायावाद निबंध के लेखक है
अ प्रसाद✔
ब शांति प्रिय द्विवेदी
स नंददुलारे वाजपेयी
द मुकुट धर पाण्डेय

22. शेरसिंह प्रकाश रचना है
A. प्रतापसाहि
B. सोमनाथ
C. अमीरदास✔
D. जसवंत सिंह

23. मेरी पत्नी और भेड़ीया आत्मकथा किसकी है
A. डॉ धर्मवीर✔
B. तुलसी राम
C. मोहन दास
D. शैलेश जैदी

24. रसखान की प्रेम वाटिका में कितने दोहे है?
A. 23
B. 45
C. 53✔
D. 56

25. प्रेमचन्द को उपन्यास सम्राट की संज्ञा किसने दी
A. दयानारायण निगम
B. शरच्चन्द्र चट्टोपाध्या✔
C. अमृत राय
D. रवीन्द्र नाथ

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